गाय में देवताओं का निवास है | वह साक्षात कामधेनु (इच्छा पूरक) है | ईश्वर के सभी अवतार गाय के शरीर में वास करते हैं | वह सभी आकाशीय तारामंडल से शुभ किरणों को ग्रहण करती है | इस प्रकार उसमे सभी नक्षत्रों का प्रभाव एकीकृत (शामिल) हैं | जहाँ कहीं भी एक गाय है, वहाँ सभी आकाशीय तारामंडल के प्रभाव है, सब देवताओं का आशीर्वाद है | गाय एकमात्र देव्य जीव है जिसकी रीढ़ की हड्डी से सूर्यकेतु नाड़ी (सूरज से संपर्क में रहने वाली नाड़ी) गुज़रती है | इसीलिए गाय के दूध, मक्खन और घी का रंग सुनहरा होता है | ऐसा इसलिए है क्योंकि सूर्यकेतु नाड़ी, सौर किरणों के संपर्क में आकर उसके रक्त में सोने के लवण का उत्पादन करती है | यह लवण गाय के दूध और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों में मौजूद हैं, जो चमत्कारिक ढंग से कई रोगों का चिकित्सा करते हैं |
गाय से शरीर से जो सात्विक उर्जा निकलती है, उस घर या इलाके में गाय होने से बहुत सारी अशुभ चीजें दूर हो जाती हैं | गाय के शरीर में सुर्यकेतु नाड़ी होती है, जो सूर्य किरणों को पीती है, इसलिए गाय के गोबर व मूत्र में भी सात्विक शक्ति होती है | मरते समय भी गाय के गोबर का लीपन करके व्यक्ति को सुलाया जाता है |
1. कैसी भी जहरीली दवाएं खायी हो, गौमूत्र थोड़े दिन पिये, ब्लोकेज (Blockage) खुल जायेगा और जहरीली दवाओं का असर उतर जायेगा |
2. बच्चों को गाय की पूंछ का झाड़ा देने से ऊपर की आई हुई हवा या कुप्रभाव नाश होता है |
3. जिसको रात को ठीक से नींद न आती हो, वो मोर के पंख रख दे, सिरहाने के नीचे और "हरि ॐ" का गुंजन करे , नींद आने लगेगी |
4. जिसको बुरे स्वप्न आते हों वो बुरे स्वप्न न आयें इसका आग्रह छोड़ दें | पैरों को गाय का घी मल दें और सिर में थोड़ा हलकी मालिश कर दें किसी भी तेल की |
5. गाए के दूध से बनी दही शरीर पर रगड़कर स्नान करने से स्वास्थ्य, प्रसन्नता और दरिद्रता दूर हो जाती है |
6. जिस रोग के लिए डॉक्टर ने मना कर दिया हो की ये रोग ठीक नहीं हो सकता, वो व्यक्ति घर में गाय पालें और चारा-पानी खुद खिलाये और स्नेह करें | गाय की प्रसन्नता उसके रोमकूपों से प्रकट होगी और आप अपने हाथ गाय की पीठ पर घुमाएंगे तो आपके हाथों की उँगलियों द्वारा वो प्रसन्नता, रोग प्रतिकारक शक्ति बढाएगी | (2-4 महीने तक ऐसा करें)
7. काली गाय का घी बुढापे में भी जवानी ले आता है | हृदय का दौरा की वेदना (तकलीफ) है और चिकनाहट खाने की मनाही है तो गाए का घी खाएं, हृदय शक्तिशाली बनता है |
कृपया हिंदुत्व व आध्यात्म के ज्ञान को और अटूट करने के लिए शेयर करें |
जय गौ माता. . . .जय हिंदुत्व
गाय से शरीर से जो सात्विक उर्जा निकलती है, उस घर या इलाके में गाय होने से बहुत सारी अशुभ चीजें दूर हो जाती हैं | गाय के शरीर में सुर्यकेतु नाड़ी होती है, जो सूर्य किरणों को पीती है, इसलिए गाय के गोबर व मूत्र में भी सात्विक शक्ति होती है | मरते समय भी गाय के गोबर का लीपन करके व्यक्ति को सुलाया जाता है |
1. कैसी भी जहरीली दवाएं खायी हो, गौमूत्र थोड़े दिन पिये, ब्लोकेज (Blockage) खुल जायेगा और जहरीली दवाओं का असर उतर जायेगा |
2. बच्चों को गाय की पूंछ का झाड़ा देने से ऊपर की आई हुई हवा या कुप्रभाव नाश होता है |
3. जिसको रात को ठीक से नींद न आती हो, वो मोर के पंख रख दे, सिरहाने के नीचे और "हरि ॐ" का गुंजन करे , नींद आने लगेगी |
4. जिसको बुरे स्वप्न आते हों वो बुरे स्वप्न न आयें इसका आग्रह छोड़ दें | पैरों को गाय का घी मल दें और सिर में थोड़ा हलकी मालिश कर दें किसी भी तेल की |
5. गाए के दूध से बनी दही शरीर पर रगड़कर स्नान करने से स्वास्थ्य, प्रसन्नता और दरिद्रता दूर हो जाती है |
6. जिस रोग के लिए डॉक्टर ने मना कर दिया हो की ये रोग ठीक नहीं हो सकता, वो व्यक्ति घर में गाय पालें और चारा-पानी खुद खिलाये और स्नेह करें | गाय की प्रसन्नता उसके रोमकूपों से प्रकट होगी और आप अपने हाथ गाय की पीठ पर घुमाएंगे तो आपके हाथों की उँगलियों द्वारा वो प्रसन्नता, रोग प्रतिकारक शक्ति बढाएगी | (2-4 महीने तक ऐसा करें)
7. काली गाय का घी बुढापे में भी जवानी ले आता है | हृदय का दौरा की वेदना (तकलीफ) है और चिकनाहट खाने की मनाही है तो गाए का घी खाएं, हृदय शक्तिशाली बनता है |
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जय गौ माता. . . .जय हिंदुत्व

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