भारत सरकार भारत की तथा इसके प्रत्येक भाग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी है। भारतीय शस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमान भारत के राष्ट्रपति के पास है। राष्ट्र की रक्षा का दायित्व मंत्री मंडल के पास होता है। इसके निर्वहन रक्षा मंत्रालय से किया जाता है, जो सशस्त्र बलों को देश की रक्षा के संदर्भ में उनके दायित्व के निर्वहन के लिए नीतिगत रूपरेखा और जानकारियां प्रदान करता है। भारतीय शस्त्र सेना में तीन प्रभाग हैं भारतीय थलसेना, भारतीय जलसेना,भारतीय वायुसेना, और अन्य कई स्वतंत्र और आनुषांगिक इकाइयाँ जैसे: भारतीय सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स, राष्ट्रीय राइफल्स, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड,भारत तिब्बत सीमा पुलिस इत्यादि।
भारतीय सेना के सरवप्रमुख कमांडर भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी हैं। यह दुनिया के सबसे बड़ी और प्रमुख सेनाओं में से एक है। सँख्या की दृष्टि सेभारतीय थलसेना के जवानों की सँख्या दुनिया में चीन के बाद सबसे अधिक है। जबसे भारतीय सेना का गठन हुआ है भारत ने दोनों विश्वयुद्ध में भाग लिया है।भारत की आजादी के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ तीन युद्ध जीते हैं (1948, 1965, and 1971) तथा चीन से 1962 में एक बार मुँह की खायी है। 1999 में इसके अलावा एक छोटा युद्ध कारगिल युद्ध पाकिस्तान के साथ दुबारा लड़ा गया जिसके बाद पाकिस्तान में नवाज़ शरीफ का तख्ता पलट कर परवेज़ मुशर्रफ सत्तासीन हुये।
भारतीय सेना आण्विक हथियार से लैस है और उनके पास उचित मिसाइल तकनीक भी उपलब्ध है।
भारतीय सेना की ओर से दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र है।
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